कैफ़े में कॉफ़ी लेकर मैं बैठ गया। फिर बारिस्ता मेरे पीछे-पीछे मेरी टेबल तक आ गई।
सवाल समझ नहीं आया, तो मैं बस मुस्कुरा दिया
ऑर्डर वाला हिस्सा ठीक निपटा। आइस्ड अमेरिकानो। ये वाला मुझे रटा हुआ था।
फिर, पेमेंट के ठीक बाद, उसने कुछ पूछा। फटाफट।
드시고 가세요? (deusigo gaseyo?)
पकड़ नहीं पाया। तो मुस्कुराकर "네" बोल दिया। मेरी थ्योरी थी कि सवाल जो भी हो, हाँ कह देने से शायद काम चल जाएगा।
मुझे अपना कप बदलवाना पड़ा
मेरी कॉफ़ी प्लास्टिक के कप में आई। मैं बैठा और लैपटॉप खोल लिया।
कोई पाँच मिनट बाद बारिस्ता आई। माफ़ कीजिए, बोली, लेकिन कैफ़े में बैठकर पीना है तो कप बदलना पड़ेगा।
तब जाकर बात खुली। पहले वाला वो सवाल तय कर रहा था कि मुझे कौन-सा कप मिलेगा।
मेरा "हाँ" संयोग से दोतरफ़ा निकला। 드시고 가세요? पर हाँ कहने का मतलब है "यहीं पीकर जाऊँगा" — लेकिन लगता है उसने मेरा चेहरा पढ़ा और सुना 'टेकआउट'।
पता चला, दो कपों की एक वजह है
मैंने एक दोस्त से पूछा। ये सिर्फ़ पसंद-नापसंद की बात नहीं है।
कैफ़े के अंदर बैठकर पीने पर वो डिस्पोज़ेबल कप दे ही नहीं सकते। ये नियम कैफ़े को मानना ही पड़ता है, तो स्टाफ़ इसे यूँ ही जाने नहीं दे सकता।
यानी वो सवाल कोई औपचारिकता नहीं था। वो सवाल था जिसका असली जवाब चाहिए था। मुस्कुराकर टालने वाला नहीं।
| मैं क्या कहूँ | क्या मिलेगा | बैठ सकता हूँ? |
|---|---|---|
| यहीं पीकर जाऊँगा | मग या काँच का गिलास | हाँ |
| पैक कर दीजिए | डिस्पोज़ेबल कप | नहीं — निकलना है |
बस ये दो लाइनें चाहिए
आजकल मैं 포장이요 सबसे ज़्यादा इस्तेमाल करता हूँ। छोटा है, तो मुँह से पक्का निकल जाता है।
테이크아웃 (teikeu-aut) भी चलता है — "takeout"। कोरियन लोग अंग्रेज़ी शब्द ही बोल देते हैं।
अच्छा, एक तरकीब और
ऑर्डर करते वक्त ही पहले बता दो, तो वो पूछते ही नहीं।
"एक आइस्ड अमेरिकानो, 포장이요।" एक ही साँस में बोल दो और आगे कोई सवाल नहीं। यही मेरी सबसे पसंदीदा चाल निकली।
अब
मैं अंदर घुसने से पहले ही तय कर लेता हूँ कि बैठना है या नहीं।
कोई बड़ी बात नहीं है, पर उस दिन थोड़ी शर्मिंदगी हुई थी। लैपटॉप खुला छोड़कर, कप बदलवाने वापस काउंटर तक जाना।
खैर — तुम कैफ़े में ऑर्डर कैसे करते हो? मैं तो अब भी मेन्यू के नामों पर उँगली रखकर बताता हूँ।



